Chhath puja 2023 kab hai

छठ पूजा 2023 (chhath Puja 2023) Kab hai, November me kab hai,साल 2023 में छठ पूजा 17 नवंबर, शुक्रवार को शुरू होगी और 20 नवंबर को उषा अर्घ के साथ समाप्त होगी. मिथिला पंचांग के अनुसार हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ पूजा मनाया जाता है. Kharna kab hai, Nahay khay kab hai

Chhath puja 2023 kab hai
Chhath puja 2023 poster
Chhath puja 2023 kab hai

छठ पूजा 2023, Chhath Puja 2023 kab hai

छठ पूजा मिथिला का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है, जो भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया में मनाया जाता है.

छठ पूजा अनगिनत मान्यताओं से जुड़ा है, यह लोक आस्था का पर्व है, और ये मान्यताएं आज के दौर में मिथिला की संस्कृति और समृद्धि को दर्शाती हैं. देश में ही नहीं, विदेश में भी इस पर्व को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, तो आइए जानते हैं आस्था से जुड़े इस माह पर्व के बारे में कुछ विशेष पहलू-

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छठ पूजा (Chhath Puja 2023 Date) डेट:-

आस्था से जुड़ा या महा पर्व मिथिला संस्कृति की विविधताओं को दर्शाता है. छठ पूजा एक महा पर्व है, जो चार दिनों तक चलता है. साल 2023 में छठ पूजा 17 नवंबर, शुक्रवार को शुरू होगी और 20 नवंबर को उषा अर्घ के साथ समाप्त होगी. मिथिला पंचांग के अनुसार हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ पूजा मनाया जाता है. षष्ठी तिथि को डूबते सूर्य को अर्घ दिया जाता है, और अगले दिन उगते सूर्य को अर्घ देने की परंपरा है. छठ पूजा का त्योहार बिहार, झारखंड, और उत्तर प्रदेश के साथ-साथ उन सभी जगहों पर मनाया जाता है जहाँ पर प्रवासी बिहारी हैं ।

 

दिन

दिनांक

नहाय-खाय

17 नवंबर 2023 (शुक्रवार)

खरना

18 नवंबर 2023 (शनिवार)

पहला अर्घ (संध्याकालीन, अस्तचलगामी सूर्य को अर्घ )

19 नवंबर 2023 (रविवार)

छठ पर्व उषा अर्घ 2023

20 नवंबर 2023 (सोमवार)

 

छठ पूजा 2023 नहाए खाए कब हैं-

पूजा का पहले दिन को नहाए खाए कहा जाता है इस साल नहाए खाए 17 नवंबर 2023 (शुक्रवार) को है, इस  दिन सूर्योदय 6:45 A.M. पर हो रहा है इसके साथ ही सूर्य अस्त्य  5:27 P.M. पर होगा ऐसी मान्यता है, कि इस दिन स्नान कर के भोजन ग्रहण करना चाहिए जिसके लिए व्रती नदी, सरोवर, तालाब में पहले स्नान करती है और उसके साथ ही एक समय का भोजन करती है।

छठ पूजा 2023 खरना कब हैं-

खरना कार्तिक शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है इस दिन खरना का और छठ का प्रसाद भी बनाया जाता है। खरना छठ पूजा का दूसरा दिन होता है, इस वर्ष खरना 18 नवंबर 2023 (शनिवार) को है, उस दिन का सूर्योदय 6:46 A.M. पर है और सूर्यास्त 5:26 P.M. पर होगा इस दिन रवि योग बना रहा है।

खरना का प्रसाद-

खरना के प्रसाद का बहुत महत्व है, खरना के दिन शाम को गुड और चावल की खीर को मिट्टी से बने चूल्हे और आम की लकड़ी पर पकाया जाता है, और प्रसाद के रूप में भोग लगाया जाता है, इसी प्रसाद को खाकर खरना के व्रत का पारण किया जाता है, प्रसाद बांटा भी जाता है। इस प्रसाद को लोग रसिया के नाम से भी जानते हैं।

ठेकुआ (पकमान)  बनाने की विधि-

चार दिन के छठ महा पर्व  की शुरुआत 17 नवंबर 2023 से हो रही है छठ पूजा का प्रसाद काफी महत्वपूर्ण होता है। इसमें फल से लेकर सब्जी तक भोग में छठ मैया को अर्पित किया जाता है, जिसमें केला, सेब, संतरा, नारियल, सिंघाड़ा हल्दी की गांठ, अदरक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं लेकिन छठ का सबसे खास खास प्रसाद ठेकुआ होता है।

ठेकुआ के बिना छठ पूजा अधूरी मानी जाती है तो आईए जानते हैं छठ पूजा पर बनने वाले इस विशेष प्रसाद के बारे में और इसे बनाने की विधि

ठेकुआ बनाने के लिए सामग्री

  • गेहूं का आटा- 500 ग्राम 
  • गुड- 250 ग्राम
  • घी या रिफाइंड - तलने के लिए
  • ईलायची कुटी हुई -10 ग्राम 
  • नारियल एक कप कद्दू कस 
  • ड्राई फ्रूट उपयोग अनुसार 

ठेकुआ बनाने की विधि-

  • छठ पूजा के प्रसाद में ठेकुआ बनाने के लिए सबसे पहले गुड को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ ले 
  • इसके बाद एक बड़े बर्तन में एक कप पानी और गुड़ मिलाकर उसे उबलने आने तक पकाएं
  • इसके बाद गुड़ की चाशनी को छानकर गेहूं के आटे में अच्छी तरह से मिला ले अब आटे को कुटी इलायची और नारियल का बुरादा डालकर अच्छे से मिक्स करें
  • आटे की छोटी-छोटी लोई बनाकर हाथ से मसलकर हल्का दबा दें या लकड़ी के बने साँचे पर इसे रखकर दबाए अब कढ़ाई में घी या रिफाइंड  डालकर गर्म करके ठेकुआ को तल ले जब तक सुनहरा रंग ना आ जाए इसे तलते रहे हल्की आंच पर
  • आपका छठ का प्रसाद बनकर तैयार है ।

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छठ पर्व 2023 - संध्याकालीन अर्घ

छठ पर्व के तीसरे दिन संध्याकालीन या अस्तचलगामी सूर्य को अर्घ देते हैं क्योंकि इस दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ  देने की परंपरा है कुछ लोग अपने घर पर ही पानी का जमाव बनाकर अर्घ देते हैं। इस साल छठ व्रत में डूबते हुए सूर्य को 19 नवंबर 2023 (रविवार) को अर्घ  दिया जाएगा घर के सभी लोग नदी सरोवर पोखर या तालाब आदि में जाकर अर्घ  देते हैं ।

छठ पर्व - उषा अर्घ 2023

छठ पर्व के आखिरी दिन उषा अर्घ  उदयमान सूर्य को अर्घ देने की परंपरा है उगते सूर्य को अर्घ देने के बाद छठ व्रत संपन्न माना जाता है इसके बाद पारण किया जाता है। इस साल छठ पर्व में उषा अर्घ 20 नवंबर 2023 (सोमवार) को दिया जाएगा उषा अर्घ देने के बाद चार दिन इस लंबे व्रत पर का समापन हो जाता है।

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छठ पूजा 2023 के कुछ मनमोहक भजन जो कि आपको भी सुनने चाहिए -